World kidney day के शुभ अवसर पर RMCH के मेडिसिन विभाग द्वारा आम जनता को गुर्दों से संबंधित बीमारियों की रोकथाम के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह जानकारी देना था कि गुर्दों की बीमारियाँ कैसे शुरू होती हैं, उनके शुरुआती लक्षण और संकेत क्या होते हैं, उनसे बचाव के उपाय क्या हैं तथा उनका संभावित परिणाम (प्रोग्नोसिस) क्या हो सकता है। इस प्रकार के कार्यक्रम लोगों में जागरूकता बढ़ाने और समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह कार्यक्रम RMCH की माननीय वाइस चेयरपर्सन डॉ. लता अग्रवाल, RMCH के प्रिंसिपल डॉ. रजनीश पठानिया, मेडिसिन विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा सेठ, तथा मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. रोहित पलता की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया।
उनकी उपस्थिति और मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बनाया तथा समाज में किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के महत्व को रेखांकित किया।
लोगों को जागरूक करने के लिए एक लघु नाटक का भी आयोजन किया गया, जिसमें अत्यधिक मात्रा में नेफ्रोटॉक्सिक दवाओं (जैसे दर्द निवारक दवाओं) के उपयोग तथा स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से गलत उपचार लेने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया।
इसके साथ ही लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूम्रपान और शराब के सेवन से बचने के लिए भी जागरूक किया गया, ताकि गुर्दों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
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